Articles for category: Devotional

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नवरात्रि का तीसरा दिन: चंद्रघंटा की पूजा

नवरात्रि के तीसरे दिन देवी दुर्गा के तीसरे स्वरूप चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। 5 अक्टूबर को इस दिन को मनाने का विशेष महत्व है। देवी चंद्रघंटा का स्वरूप शक्ति और साहस का प्रतीक है। उनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र है, जिससे उनका नाम चंद्रघंटा पड़ा। देवी का यह रूप शांत ...

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नवरात्र के दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी का मंगला श्रृंगार दर्शन

नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी रूप की पूजा की जाती है। इस दिन देवी ब्रह्मचारिणी का मंगला श्रृंगार अत्यंत आकर्षक और दिव्य होता है। मां ब्रह्मचारिणी तपस्या और संयम का प्रतीक हैं, और उनका स्वरूप भक्तों को जीवन में तप, संयम, और साधना का महत्व समझाता है। माता ब्रह्मचारिणी श्वेत वस्त्र धारण ...

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मां भगवती को यह भोग लगाएं होंगी सभी इच्छायें पूरी

मां भगवती या देवी दुर्गा की पूजा भारतीय संस्कृति में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखती है। मां भगवती को शक्ति की देवी माना जाता है, जो संसार की समस्त शक्तियों का आधार हैं। उनके चरणों में भक्ति अर्पण करना और उन्हें भोग लगाना एक महत्वपूर्ण धार्मिक क्रिया मानी जाती है। भोग लगाना न केवल एक धार्मिक ...

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पितृपक्ष में क्या न करें: एक विस्तृत मार्गदर्शन

हिंदू धर्म में पितृपक्ष एक विशेष समय है जो पूर्वजों की आत्माओं को समर्पित होता है। यह अवधि श्राद्ध कर्म और तर्पण द्वारा पितरों को प्रसन्न करने के लिए मानी जाती है। पितृपक्ष में श्राद्ध का महत्व अत्यधिक है क्योंकि माना जाता है कि इस समय पूर्वजों की आत्माएं धरती पर आती हैं और उनके ...

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पितृ पक्ष आज से शुरू, श्राद्ध कार्यक्रम का शुभारंभ

पितृ पक्ष आज, बुधवार से आरंभ हो रहे हैं और 2 अक्टूबर को पितरों की विदाई दी जाएगी। इस समय को पितरों का तर्पण और श्राद्ध करने का उपयुक्त अवसर माना जाता है। जिन लोगों को अपने पूर्वजों की मृत्यु तिथि मालूम नहीं है, वे 2 अक्टूबर को सर्व पितृ अमावस्या के दिन श्राद्धकर्म कर ...

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पूरी भव्यता और धार्मिक विधि से अर्पित हुआ संकट मोचन मंदिर दरबार में स्वर्ण मुकुट

•”राम काज करीबे को आतुर” नारों से गुंजायमान हुआ माहौल वाराणसी। धर्म की नगरी काशी अपने अनूठे कार्यों के लिए जानी जाती है। काशी जिसको अपना लेती है तो उसके लिए कुछ भी कर सकती है ऐसा ही हुआ आज जब काशी के सांसद और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने ...

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पितृपक्ष में पितरों को प्रसन्न करने के उपाय

पितृपक्ष हिन्दू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण समय होता है, जिसमें लोग अपने पूर्वजों को याद करते हैं और उनके लिए तर्पण, श्राद्ध, और दान जैसे कार्य करते हैं। ऐसा माना जाता है कि पितृपक्ष के दौरान पितर धरती पर आते हैं और उनकी संतुष्टि के लिए किया गया कर्म उन्हें शांति प्रदान करता है। पितरों ...

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गायत्री शक्तिपीठ पर भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के तहत एक दिवसीय शिक्षक गरिमा शिविर का आयोजन

लंका। देव संस्कृति विश्वविद्यालय, शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा “भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा” के अंतर्गत वाराणसी जिला समिति द्वारा गायत्री शक्तिपीठ, शिवपुरी कॉलोनी नगवां में रविवार को आयोजित एक दिवसीय “शिक्षक गरिमा शिविर” का शुभारंभ मुख्य अतिथि मनोज कुमार शर्मा उप महान निरीक्षक 11 एन.डी.आर.एफ, तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. गौतम कुमार लांबा प्रोफेसर, बीएचयू ने मां गायत्री ...

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श्री काशी विश्वनाथ धाम में ‘आदि अष्टकम’ की विशेष प्रस्तुति

श्री काशी विश्वनाथ धाम के मंदिर चौक में 07-09-2024 को ‘सुबह-ए-बनारस’ और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा विशेष प्रस्तुति ‘आदि-अष्टकम’ का आयोजन हुआ। दीप प्रज्ज्वलन के बाद, मॉस्को में भारतीय दूतावास की पूर्व सांस्कृतिक निदेशक डॉ. उषा आर.के. के निर्देशन में बैंगलोर से आए कलाकारों ने प्रस्तुति दी। इसमें सुश्री कीर्थना रवि, श्री मिथुन ...

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महाकुंभ 2025 में 7000 रोडवेज बसों के साथ 550 सिटी बसें भी संचालित करेगी योगी सरकार

महाकुंभ के प्रथम चरण में 3050 तो द्वितीय चरण में सभी 7000 बसों का संचालन सुनिश्चित करेगा परिवहन निगम स्थानीय स्तर पर नगरीय परिवहन द्वारा 200, जबकि शेष 350 बसों का संचालन परिवहन निगम द्वारा किया जाएगा लखनऊ, 5 सितंबर। परिवहन निगम आगामी महाकुंभ में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 7000 बसों का संचालन करेगा। ...