Articles for category: Devotional

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प्रतापगढ़ के खागल रामपुर में बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का आगमन

प्रतापगढ़ जिले के पट्टी तहसील के खागल रामपुर गांव में 24 अक्टूबर को बागेश्वर धाम के प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का आगमन हो रहा है। वे यहां चल रही श्रीमद्भागवत कथा के विशेष आयोजन में शामिल होंगे, जिसका नेतृत्व पूज्यपाद जगतगुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी कर रहे हैं। यह कथा पूरे सप्ताह चल ...

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शरद पूर्णिमा: चंद्र की रोशनी में खीर बनाने और देवी लक्ष्मी को भोग लगाने की परंपरा

शरद पूर्णिमा हिन्दू धर्म में विशेष महत्व रखने वाली तिथि है। इसे कोजागरी पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस दिन की रात चंद्रमा की किरणें औषधीय गुणों से युक्त मानी जाती हैं। इसीलिए परंपरा के अनुसार, चंद्रमा की रोशनी में खीर बनाकर रात भर खुले आसमान के नीचे रखी जाती है और अगले दिन सुबह ...

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जय माता दी की उद्घोष के साथ दुर्गा पूजा पंडालों में उमड़ी भक्तों की भीड़

सांस्कृतिक कार्यक्रम सहित भव्य भंडारे का हुआ आयोजन। शक्तिनगर , सोनभद्र । जय माता दी और मां दुर्गा के जयकारों से उर्जांचल में स्थित मां दुर्गा पूजा पंडालों में भक्ति की ऐसी बयार बही की समूचा क्षेत्र गूंजायमान हो उठा। महानवमी के पूर्व संध्या पर अंबेडकर नगर स्थित दुर्गा पूजा मंडप में गांव के बच्चों ...

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प्रतापगढ़:हर साल की भांति इस साल भी भव्य दुर्गा पूजा का आयोजन किया गया

प्रतापगढ़ जिले के साहबगंज बाहर में हर साल की भांति इस साल भी भव्य दुर्गा पूजा का आयोजन किया गया है इस दुर्गा पूजा में बहुत दूर दूर से लोग आरती करने आते हैं जिसके आज के मुख्य यजमान रिपोर्टर अजय कुमार द्विवेदी विश्व हिंदू परिषद जिला प्रचार प्रसार प्रमुख प्रतापगढ़ के द्वारा आज का ...

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नवरात्र के नौवें दिन माता सिद्धिदात्री देवी का मंगला श्रृंगार दर्शन

नवरात्रि के नौवें दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा और दर्शन का विशेष महत्व होता है। देवी सिद्धिदात्री सभी सिद्धियों की प्रदाता मानी जाती हैं, और भक्तों को उनके दर्शन से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन माता का मंगला श्रृंगार विशेष आकर्षण का केंद्र होता है, जहां वे अत्यंत मनमोहक रूप में सुशोभित होती ...

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स्कंद माता: शारदीय नवरात्रि के पांचवे दिन की देवी

शारदीय नवरात्रि के पांचवे दिन स्कंद माता की पूजा-अर्चना की जाती है। इन्हें बागेश्वरी देवी के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इनकी कृपा से मूर्ख भी ज्ञानी बन सकते हैं। स्कंद माता का नाम स्कंद कुमार कार्तिकेय की माता होने के कारण पड़ा है। इनकी प्रतिमा में भगवान स्कंद बालरूप में ...

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नवरात्र के पांचवें दिन मां बागेश्वरी देवी के दर्शन के लिए उमड़ी भक्तों की भीड़

नवरात्र के पावन अवसर पर पांचवें दिन मां बागेश्वरी देवी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर के गर्भगृह से लेकर पूरे परिसर में भक्तों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं। भोर होते ही श्रद्धालु दर्शन के लिए लाइन में लगना शुरू हो गए थे, और समय बीतने के साथ भीड़ लगातार ...

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नवरात्रि का तीसरा दिन: चंद्रघंटा की पूजा

नवरात्रि के तीसरे दिन देवी दुर्गा के तीसरे स्वरूप चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। 5 अक्टूबर को इस दिन को मनाने का विशेष महत्व है। देवी चंद्रघंटा का स्वरूप शक्ति और साहस का प्रतीक है। उनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र है, जिससे उनका नाम चंद्रघंटा पड़ा। देवी का यह रूप शांत ...

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नवरात्र के दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी का मंगला श्रृंगार दर्शन

नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी रूप की पूजा की जाती है। इस दिन देवी ब्रह्मचारिणी का मंगला श्रृंगार अत्यंत आकर्षक और दिव्य होता है। मां ब्रह्मचारिणी तपस्या और संयम का प्रतीक हैं, और उनका स्वरूप भक्तों को जीवन में तप, संयम, और साधना का महत्व समझाता है। माता ब्रह्मचारिणी श्वेत वस्त्र धारण ...

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मां भगवती को यह भोग लगाएं होंगी सभी इच्छायें पूरी

मां भगवती या देवी दुर्गा की पूजा भारतीय संस्कृति में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखती है। मां भगवती को शक्ति की देवी माना जाता है, जो संसार की समस्त शक्तियों का आधार हैं। उनके चरणों में भक्ति अर्पण करना और उन्हें भोग लगाना एक महत्वपूर्ण धार्मिक क्रिया मानी जाती है। भोग लगाना न केवल एक धार्मिक ...