Articles for category: Devotional

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श्री हनुमान जी की आरती

श्री हनुमान जी की आरती: भक्तोकी श्रद्धा और निष्ठा का प्रभावानी साधना

श्री हनुमान जी भगतोके न केवल प्रेम श्रद्धा, शक्ति और निष्ठा के प्रतीक हैं। जब कोई झीवन बाधाओं में हो, मानसिक चिंता की दीवार हो या क्षेम के कार्य में कामयाबी न हो, तो श्री हनुमान जी की आरती का गान और गायन करना अनिवार्य हो जाता है। इस लेख में हम जानेगे की कैसे ...

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शिव तांडव स्तोत्रम लिरिक्स इन हिंदी

शिव तांडव स्तोत्रम लिरिक्स इं हिंदी: ऐतिक ज्ञान और योग की क्रानि की चाबि का पाठ्य स्टोत्र

भगवान के ज्ञान छायक महाकालयों में श्री शिव की तांडव रूप और छेदा काला नृत्य स्वरूप अत्यंत माहत्वपूर्ण मानी जाती है। जब जटाये की चीजों में ज्ञान की यात्रा लौध कान्या का चीत्र कालप हो, तब भगवान की चेतना की ज्योति ज्यादा जान प्रगटित हो जाती है। ऐसी महान्य और ज्ञानत्मक स्तोत्र की चार्भिकता शिव ...

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शिव चालीसा

शिव चालीसा: काली की जैवन को काल्चित करने वाला भजन

औम नामाह शिवाय! जो जगत की ज्योति का क्षयाक रखक्षक है, वो और कौन है भकतोकी की अनांत श्रद्धा और क्षेम का ग्यान हैं जिन्हें कालि की चालीसा की रूप में गाया गया है। शिव चालीसा की चार्यांशीकता और उच्चारणता और इस के चमत्कारी लाभों की चर्चा जानकारी की जाएगी। शिव चालीसा दोहा जय गणपति ...

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जय तुलसी माता

जय तुलसी माता: पूजन विधि और दिव्य लाभ

भारतीय संस्कृति में तुलसी माता का स्थान अत्यंत पावन और पूजनीय है। तुलसी न केवल एक पौधा है, बल्कि देवी स्वरूपा मानी जाती हैं। ‘जय तुलसी माता’ कहना मात्र से ही मन में श्रद्धा और शुद्धता का संचार होता है। तुलसी पूजन से घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है और समस्त दोष नष्ट ...

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विन्धेश्वरी आरती

विन्धेश्वरी आरती: शक्ति और समृद्धि की प्राप्ति का सरल मार्ग

विन्धेश्वरी देवी, जो विंध्याचल के पर्वत पर स्थित हैं, शक्ति की परम रूप हैं। इनकी पूजा और आराधना से भक्तों को मानसिक शांति, समृद्धि, और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। विन्धेश्वरी आरती विशेष रूप से शक्तिपीठ के दर्शनों के साथ संकलित की जाती है, और इसे गाने से भक्ति का अनुभव प्रगाढ़ होता है। इस ...

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चिंतपूर्णी माता आरती

चिंतपूर्णी माता आरती: माँ के चरणों में समर्पित एक दिव्य भक्ति यात्रा

माँ चिंतपूर्णी को ‘संकट हरने वाली’ और ‘चिंता मिटाने वाली देवी’ के रूप में जाना जाता है। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित चिंतपूर्णी माता का मंदिर शक्तिपीठों में से एक है। जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से माता रानी की आरती करता है, उसकी सभी चिंताएँ दूर हो जाती हैं और जीवन में ...

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कार्तिकेय जी की आरती

कार्तिकेय जी की आरती: शक्तिशाली आराधना से जीवन में लाएँ तेज और विजय

भगवान शिव के पुत्र और देवसेना के अधिपति भगवान कार्तिकेय, जिन्हें मुरुगन, स्कंद और कुमारस्वामी के नाम से भी जाना जाता है, विशेष रूप से दक्षिण भारत में पूजे जाते हैं। वे युद्ध और विजय के देवता हैं। इनकी आरती करने से मनुष्य को आत्मबल, पराक्रम और जीवन की जटिलताओं में विजय प्राप्त होती है। ...

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बद्रीनाथ जी की आरती

बद्रीनाथ जी की आरती: भगवान विष्णु की दिव्य आराधना का मधुर स्वरूप

हिमालय की गोद में स्थित चारधामों में से एक प्रमुख धाम है बद्रीनाथ। यह तीर्थ भगवान विष्णु को समर्पित है और सनातन परंपरा में इसका विशेष महत्व है। बद्रीनाथ जी की आरती को सुनना, पढ़ना या करना भक्तों को आध्यात्मिक शांति और मोक्ष के पथ पर अग्रसर करता है। इस लेख में हम Badrinath Ji ...

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Shanta Durgechi Aarti

Shanta Durgechi Aarti: शांति और शक्ति की प्रतीक देवी की आरती

शांतादुर्गा देवी गोवा की प्रमुख आराध्या देवी हैं, जिन्हें शांति और शक्ति की अधिष्ठात्री देवी के रूप में पूजा जाता है। यह आरती विशेष रूप से उन भक्तों के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है जो अपने जीवन में संतुलन, मानसिक शांति और शक्ति प्राप्त करना चाहते हैं। Shanta Durgechi Aarti न केवल भक्त के ...

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महावीर प्रभु की आरती

महावीर प्रभु की आरती: अहिंसा और आत्मज्ञान की आराधना

महावीर स्वामी जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर हैं, जिनका जीवन तप, त्याग और अहिंसा का आदर्श उदाहरण है। उनकी आरती करना न केवल एक धार्मिक कृत्य है, बल्कि आत्मा को शुद्ध करने का माध्यम भी है। “महावीर प्रभु की आरती” भक्तों को शांत चित्त, सद्गुणों की प्राप्ति और आत्मिक बल देती है। इस लेख में ...