अग्नि गायत्री मंत्र: पवित्र ऊर्जा और आत्मशुद्धि का स्त्रोत
वेदों में अग्नि का अत्यंत उच्च स्थान है। अग्नि न केवल यज्ञ का माध्यम है बल्कि यह शुद्धिकरण, ऊर्जा और चेतना का प्रतीक भी है। अग्नि गायत्री मंत्र, विशेष रूप से अग्नि देवता की स्तुति के लिए उपयोग किया जाता है। इस मंत्र का जप करने से जीवन में शक्ति, शुद्धि और दिव्यता का संचार ...








