
वाराणसी। विश्व एड्स दिवस 1 दिसंबर से पहले लोगों को जागरूक करने के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय हॉस्पिटल, पांडेयपुर की टीम लगातार कैंप लगाकर अभियान चला रही है। डॉ. वंदना सिंह का कहना है कि एचआईवी को लेकर लोगों के मन में डर अधिक है। अगर यह डर दूर हो जाए तो लोग खुद जांच और बचाव के लिए आगे आएंगे। उनके अनुसार एचआईवी गंभीर बीमारी है, लेकिन समय पर इलाज से व्यक्ति सामान्य जीवन जी सकता है।

डॉक्टरों के अनुसार यह वायरस अधिकतर युवाओं में फैल रहा है। इसके प्रमुख कारण असुरक्षित यौन संबंध, एक ही सिरिंज का बार-बार प्रयोग, संक्रमित रक्त का लेनदेन और गर्भवती मां से बच्चे में संक्रमण हैं। समय पर जांच न हो तो यह आगे चलकर एड्स का रूप ले सकता है।
हॉस्पिटल में रोजाना 15 से 20 जांच के सैंपल आते हैं और हर माह करीब 100 से अधिक लोगों की जांच होती है, जिनमें से 15 से 20 मरीज एचआईवी पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। सभी मरीजों की जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है और नियमित इलाज भी दिया जाता है।
डॉ. सिंह ने युवाओं से अपील की है कि जांच कराने में संकोच न करें। यदि हॉस्पिटल आना मुश्किल हो तो हेल्पलाइन नंबर 1097 पर गोपनीय रूप से जानकारी और सलाह ली जा सकती है। सही जानकारी और सतर्कता ही इस बीमारी से बचाव का सबसे बेहतर तरीका है।