वाराणसी के सदर तहसील में कुछ दिन पहले लेखपाल और अधिवक्ताओं के बीच हुई मारपीट की घटना अब तूल पकड़ती जा रही है। इस मामले में अधिवक्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने के विरोध में सोमवार को राजातालाब तहसील बार एसोसिएशन ने न्यायिक कार्य से दूरी बनाई। अधिवक्ताओ ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारे लगाए व प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं का कहना है कि ऐसा लगता है कि पुलिस राजस्व कर्मियों के दबाव में काम कर रहा है।

राजातालाब तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रशेखर की अध्यक्षता में बार भवन में एक आपात बैठक बुलाई गई। बैठक में अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर प्रशासन की कार्रवाई की कड़ी निंदा की। अधिवक्ताओं का आरोप था कि सदर तहसील में हुए विवाद को तूल देकर अधिवक्ताओं पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है।
बैठक के दौरान अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनके सदस्यों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए जाते, तब तक वे चुप नहीं रहेगे । उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज न्याय दिलाने का कार्य करता है, लेकिन प्रशासन द्वारा पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है।
अधिवक्ताओं ने लेखपालों की कार्रवाई का विरोध करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
इस दौरान बार एसोसिएशन के महामंत्री अमृत कुमार सिंह, अधिवक्ता अनन्द कुमार, प्रदीप सिंह, सुशील सिंह, सुनील सिंह समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। बैठक में सर्वसम्मति से न्यायिक कार्य से दूर रहने का निर्णय लिया गया। अधिवक्ताओं ने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है, यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आगामी दिनों में प्रदेश स्तर पर भी आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।