
वाराणसी, 15 दिसंबर। काशी तमिल संगमम् 4.0 के तहत तमिलनाडु से आए आध्यात्मिक दल ने सोमवार को हनुमान घाट पर गंगा स्नान किया। इस दौरान समूह के सदस्यों ने मां गंगा की पूजा-अर्चना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। स्नान के बाद दल ने हनुमान घाट स्थित प्राचीन मंदिरों में दर्शन-पूजन किया और मंदिरों की दिव्यता, भव्यता और ऐतिहासिक महत्व के बारे में जानकारी प्राप्त की।

इसके बाद तमिल प्रतिनिधिमंडल हनुमान घाट स्थित महान कवि और स्वतंत्रता सेनानी सुब्रमण्यम भारती के घर पहुंचा। यहां उन्होंने उनके परिवार के सदस्यों से मुलाकात की और उनके जीवन व काशी से जुड़े इतिहास को जाना। समूह ने सुब्रमण्यम भारती के घर के समीप स्थित पुस्तकालय का भी भ्रमण किया, जहां साहित्य और इतिहास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
सुब्रमण्यम भारती के घर के भ्रमण के उपरांत दल कांची मठ पहुंचा। वहां दक्षिण भारतीय परंपराओं से जुड़े इस प्राचीन मठ के इतिहास और सांस्कृतिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी ली। काशी में दक्षिण भारतीय मंदिरों और परंपराओं को देखकर साहित्यिक और आध्यात्मिक दल खासा उत्साहित नजर आया।
तमिलनाडु से आए प्रतिनिधिमंडल में काशी को लेकर अलग ही भाव देखने को मिला। कोई अपने पूर्वजों को याद करता दिखा तो किसी ने काशी और तमिलनाडु की सांस्कृतिक एकता पर जोर दिया। समूह की सदस्य वीके रमन ने कहा कि मंदिरों के भ्रमण के दौरान यह देखकर आश्चर्य हुआ कि काशी और तमिलनाडु की संस्कृति में गहरी समानता है। ऐसे आयोजन एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को और मजबूत करते हैं और इन्हें लगातार आयोजित किया जाना चाहिए।