
वाराणसी जिले के चौबेपुर थाना क्षेत्र के छितौना गांव में राजभर और राजपूत समुदाय के बीच वर्चस्व को लेकर हुई हिंसक झड़प के मामले ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर गंभीर मोड़ ले लिया है। जहाँ पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल ने इस प्रकरण की निष्पक्ष विवेचना के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।
SIT का गठन
पुलिस आयुक्त द्वारा थाना चौबेपुर पर दोनों पक्षों से दर्ज मुकदमें में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए
विशेष जांच दल गठित किया गया है। इस टीम की अध्यक्षता अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) शिवहरि मीणा करेंगे। सदस्यों में डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार, डीसीपी अपराध सरवणन टी,एडीसीपी वरुणा जोन नीतू, सहायक पुलिस आयुक्त कैंट नितिन तनेजा और विवेचक प्रभारी निरीक्षक चौबेपुर शामिल है।
पुलिस कमिश्नर ने SIT को निर्देशित किया गया है कि वे विवेचना को गुणवत्तापरक,निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूर्ण करें।
क्या है मामला
जानकारी के अनुसार, दिनांक 5 जुलाई को सुबह छः बजे, छितौना गांव में गाय हांकने को लेकर दो पक्षों में कहासुनी हिंसक टकराव में बदल गई। दोनों पक्षों ने गंभीर आरोपों के साथ एक-दूसरे पर FIR दर्ज कराई है।
राजभर पक्ष का आरोप
गांव के ज्वाला प्रसाद राजभर ने दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया है कि संजय सिंह,अमित सिंह उर्फ गोलू और अनुराग सिंह समेत अन्य ने हथियारों से लैस होकर घर में घुसकर महिलाओं से छेड़खानी और पुरुषों पर जानलेवा हमला किया। घायल छोटू राजभर, भोला राजभर, रामगुलाम आदि को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां पुलिस की मौजूदगी में फिर से हमले का आरोप लगाया गया।
राजपूत पक्ष का आरोप
दूसरी तरफ दिग्पाल सिंह की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया कि भोला राजभर और अन्य लोग राजस्व विभाग द्वारा चिह्नित जमीन पर कब्जा करने की नीयत से हथियारों से लैस होकर हमला करने पहुंचे और संजय सिंह,अमित सिंह व अनुराग सिंह को लहूलुहान कर दिया। आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में भी हमलावरों ने मारपीट की और संजय सिंह को खींचकर पीटा गया।
नेताओं की हो गई इंट्री
इस मामले में राजभर समुदाय की ओर से कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर खुलकर समर्थन में आ गए,वहीं राजपूत समाज के करणी सेना के लोग सामने आए। दोनों ही पक्षों ने पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच की मांग की,जिसके बाद SIT का गठन हुआ।

