काशी विश्वनाथ दर्शन बना काशी तमिल संगमम् यात्रा का सबसे यादगार पल: गोविंदराज

काशी तमिल संगमम् के अंतर्गत आयोजित “तमिल सीखें” कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागी ने अपने अनुभव साझा करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस पहल के लिए आभार व्यक्त किया है। चेन्नई के कुचनूर गोविंदराज ने 14 जनवरी 2026 को लिखे अपने पत्र में इस कार्यक्रम को संस्कृति, शिक्षा और आध्यात्मिकता का अनूठा संगम बताया।
गोविंदराज ने अपने पत्र में बताया कि “तमिल सीखें” कार्यक्रम के तहत आए शिक्षकों को काशी में कई महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण कराया गया और पूरे प्रवास के दौरान उनका अत्यंत आत्मीयता और सम्मान के साथ स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि इस यात्रा ने प्रतिभागियों को भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं और आध्यात्मिक धरोहर को करीब से समझने का अवसर दिया।
यात्रा के दौरान सबसे विशेष अनुभव प्रातः काल में काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन का रहा। गोविंदराज के अनुसार यह उनके जीवन की “सबसे महत्वपूर्ण” घटनाओं में से एक था। उन्होंने बताया कि मंदिर में प्रवेश के समय पुरोहितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ उनका स्वागत किया गया, जिससे पूरे वातावरण में गहरी आध्यात्मिक अनुभूति का अनुभव हुआ और यह क्षण सभी प्रतिभागियों के लिए अविस्मरणीय बन गया।
अपने अनुभवों को साझा करते हुए गोविंदराज ने लिखा कि यह आयोजन उनकी अपेक्षाओं से भी “अधिक बेहतर, अधिक पूर्ण और अधिक सफल” रहा। उन्होंने आगे कहा कि तमिलनाडु की ओर से वे इस पहल के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हैं और तमिल भाषा तथा संस्कृति के प्रति उनके स्नेह के लिए उन्हें नमन करते हैं।