वाराणसी, 12 दिसंबर। नमो घाट स्थित मुक्ताकाशी प्रांगण में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में उत्तर और दक्षिण के कलाकारों की प्रस्तुतियां देख दर्शक भाव—विभोर हो गए। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज एवं दक्षिण क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र तंजावूर संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में तमिलनाडु और काशी के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दी।

सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत प्रथम प्रस्तुति डॉ. श्रुति उपाध्याय एवं दल, वाराणसी द्वारा गायन से किया गया। गायन में सर्व प्रथम तीर्थो में विख्यात काशी विश्वनाथ….. से आरंभ किया तथा हे गंगा मईया बसब एही नगरी….से समापन किया। आपके साथ तबले पर संतोष सिंह, हारमोनियम पर आलोक मिश्रा ने संगत किया। द्वितीय प्रस्तुति रही श्री राज कुमार तिवारी एवं दल, वाराणसी द्वारा लोक गायन की। आपके साथ तबले पर दीपक मिश्रा, ढोलक पर गौतम, पैड पर सूरज तथा बैंजो पर जी आर वर्मा ने संगत किया।

तृतीय प्रस्तुति रही श्री ओम प्रकाश पांडेय एवं दल, वाराणसी द्वारा भजन गायन की। आपके साथ तबले पर संगीत कुमार, साइड रिदम पर संजय श्रीवास्तव ने संगत किया। चतुर्थ प्रस्तुति रही श्री एस गौतम एवं दल, तमिल नायडू द्वारा थापट्टन लोक वादन की प्रस्तुति की गई। पंचम प्रस्तुति रही श्री सौरभ दास एवं दल, वाराणसी द्वारा लोक नृत्य की। नृत्य में कलाकार थे जानकी माझी, साक्षी प्रिया, श्रुति सिंहा, साक्षी मिश्रा, स्वाति विश्वकर्मा, सृष्टि शर्मा, सोनल यादव।
सांस्कृतिक कार्यक्रम की छठी प्रस्तुति रही श्री राहुल मुखर्जी एवं दल द्वारा ओडिसी नृत्य की। नृत्य में कलाकार थे राहुल मुखर्जी, अत्रिका बाजपेई, एक्षिता पाठक, अमूल्य हर्षित, तोशीता चक्रवर्ती, अद्रिका, आराध्या शाही। कार्यक्रम की सातवीं और अंतिम प्रस्तुति थी श्री शिव कुमार एवं दल तमिल नायडू द्वारा जिकट्टम तमिल लोक नृत्य एवं वादन की।
सभी समूह के कलाकारों ने अपनी अद्भुत कला का प्रदर्शन किया जिसे देख नमो घाट आए पर्यटक और काशी तमिल संगमम 4.0 के तमिलनाडु से आए मेहमान देखकर भाव—विभोर हो उठे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि, श्री महेंद्र नाथ पांडे, पूर्व भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम मंत्री, भारत सरकार, विशिष्ट अतिथि, श्री अमर पटनायक, राज्यसभा के पूर्व सदस्य एवं श्रीमंत राजश्री बाबाजी राजा साहिब भोंसले छत्रपति आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सुश्री ललिता शर्मा ने किया।
