

- मंच मिले तो ग्रामीण युवा कर सकते हैं असंभव को संभव- अमरेश यादव
चोपन (सोनभद्र)।चोपन ब्लॉक की ग्राम पंचायत पड़रछ के भालुकूदर टोले में सोमवार को राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर उपक्रम एजुकेशनल फाउंडेशन द्वारा एक भव्य प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिले के इस सुदूरवर्ती क्षेत्र में पहली बार आयोजित हुए इस उच्च स्तरीय कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं, बच्चों और ग्रामीणों ने सहभागिता की। कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन पर संवाद से हुई,जिसमें ग्राम प्रधान प्रतिनिधि
अमरेश यादव ने कहा कि राष्ट्रीय युवा दिवस केवल एक वार्षिक आयोजन भर नहीं है, बल्कि यह हमारे युवाओं के लिए अपनी सोई हुई शक्तियों और असीमित सामर्थ्य को पहचानने का एक पवित्र अवसर है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी गांव, समाज और राष्ट्र के पुनर्निर्माण की सबसे सशक्त नींव हैं। हमारे ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, कमी है तो बस उन्हें सही मंच और सही दिशा दिखाने की। जब भालुकूदर जैसे दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को संस्थागत मंच, अनुभवी मार्गदर्शन और समाज का अटूट विश्वास मिलता है, तो वे मिट्टी से निकलकर आसमान छूने का सामर्थ्य रखते हैं और बड़े से बड़े असंभव कार्य को भी संभव कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के आयोजनों से न केवल शिक्षा के प्रति जागरूकता आती है, बल्कि यह क्षेत्र में नई सोच, नई ऊर्जा और भविष्य के नए नेतृत्व को जन्म देने का काम करते हैं।
इस दौरान संस्था के सह-संस्थापक निखिल शेट्टी और बीडीसी प्रतिनिधि जागेश्वर प्रसाद यादव ने भी युवाओं को सेवा और राष्ट्रनिर्माण के प्रति प्रेरित किया। कार्यक्रम में सोनभद्र की पारंपरिक संस्कृति को दर्शाता ‘कर्मा नृत्य’ विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। साथ ही “मेरे सपनों का गाँव कैसा हो” विषय पर आयोजित भाषण एवं पत्र लेखन प्रतियोगिता के विजयी छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम प्रबंधक अंकित मौर्य ने बताया कि तरुण्य युवा कार्यक्रम की टीम के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं की रचनात्मकता को निखारना है।