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गैंगस्टर एक्ट के आरोपित को कोर्ट से मिली बड़ी राहत

जिला मजिस्टी के संपत्ति कुर्की के आदेश को कोर्ट ने किया निरस्त

VK Finance

वाराणसी। गैंगस्टर एक्ट के आरोपित को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई। विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) की अदालत ने आरोपित रामकुमार मौर्या के खिलाफ जिलाधिकारी द्वारा गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्ति कुर्क करने का आदेश आधारहीन होने के चलते निरस्त उसे कर दिया है। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, अभिषेक श्रीवास्तव (पंकज) नरेश यादव व संदीप यादव ने पक्ष रखा।

प्रकरण के अनुसार जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर शिवपुर पुलिस ने रामकुमार मौर्या के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्यवाही की थी। जिसके बाद जिलाधिकारी के आदेश पर 24 जुलाई 2020 को आरोपित रामकुमार मौर्या की संपत्ति आ०नं० 1365 जिस पर निर्मित म०सं० एस० 9/2-20ए है का जुज भाग रकबा 733.81 वर्गफीट यानि 68.2 वर्गमीटर जिसमें एक मंजिला भवन एवं शेष खुली भूमि प्रथम, तल का संपूर्ण अंश अपराध से अर्जित धन से क्रय किया जाना मानते हुए जिसकी की कुल कीमत 21,57,380 रूपये है तथा उक्त आराजी में निर्मीत कराये गये 2 मंजिला पक्का मकान की अनुमानित कूल मूल्य 15,41,600 रुपये को उ०प्र० गिरोहबन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 की धारा-14(1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कुर्क करने का आदेश दिया था। इस आदेश के खिलाफ आपत्ति हेतु नोटिस तानीला के बाद राम कुमार मौर्या की ओर से अपनी आपत्ति दस्तावेजी साक्ष्य के साथ प्रस्तुत किया गया था। बावजूद इसके जिलाधिकारी ने उसकी आपत्ति को दरकिनार करते हुए अपने आदेश 12 अगस्त 2021 में उक्त 24 जुलाई 2020 के आदेश को पुष्ट करते हुए संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया था। इस आदेश के खिलाफ रामकुमार मौर्या ने कोर्ट में 20 सितंबर 2021 को प्रकीर्ण आपराधिक वाद के रूप में दर्ज कराया था। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने साक्ष्यों के अवलोकन के बाद जिलाधिकारी के आदेश को निरस्त करते हुए जब्त संपत्ति को रामकुमार मौर्या के पक्ष में रिलीज करने का आदेश दिया।

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