
वाराणसी समेत पूरे पूर्वांचल में बीते कई दिनों से कोहरा और गलन की दोहरी मार लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। शनिवार को भी मौसम का मिजाज तल्ख बना रहा। सुबह के समय गलन का असर कुछ कम जरूर दिखा, लेकिन कोहरे की चादर पूरे शहर पर जमी रही। दोपहर तक सूरज की किरणें धरती तक नहीं पहुंच सकीं, जिससे ठंड से राहत नहीं मिल पाई। रात से शुरू हुई शीतलहर सुबह तक लगातार जारी रही और दिन भर ठिठुरन बनी रही।

मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल इस स्थिति से राहत की कोई उम्मीद नहीं है। पहाड़ी क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है। इसके चलते मैदानी इलाकों में गलन तेज होगी और घने कोहरे का व्यापक प्रभाव बना रहेगा। अनुमान है कि यह मौसम रुख पूरे माह बना रह सकता है। मौसम विभाग ने 25 दिसंबर तक वाराणसी समेत पूर्वांचल में लगातार घने कोहरे की चेतावनी जारी की है।
उधर, पहाड़ों पर बादलों का घना जमाव बना हुआ है। इससे वहां बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है, जिसका सीधा असर मैदानी क्षेत्रों के मौसम पर पड़ेगा। ठंड बढ़ने के साथ पाले का खतरा भी बढ़ सकता है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
बीते 24 घंटों में वाराणसी का अधिकतम तापमान 18.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.3 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.7 डिग्री अधिक है। इस दौरान आर्द्रता न्यूनतम 81 प्रतिशत और अधिकतम 93 प्रतिशत दर्ज की गई। मौसम विभाग ने पूरे सप्ताह घने कोहरे और शीतलहर के बने रहने की संभावना जताई है।