
उत्तर प्रदेश के विंध्यवासिनी मंदिर में प्रतिदिन होने वाली रात्रि शयन आरती का दृश्य भक्तों को आध्यात्मिक शांति से भर देता है। दिनभर दर्शन के बाद रात में मां विंध्यवासिनी का विशेष श्रृंगार किया जाता है। सुगंधित फूलों, रेशमी वस्त्रों और आकर्षक आभूषणों से सुसज्जित मां की प्रतिमा अलौकिक आभा बिखेरती है।

आरती के समय मंदिर परिसर घंटों और शंखनाद से गूंज उठता है। पुजारी विधि-विधान से दीप प्रज्वलित कर मां की आरती उतारते हैं। इस दौरान श्रद्धालु “जय मां विंध्यवासिनी” के जयकारों के साथ भक्ति में लीन हो जाते हैं।
रात्रि शयन आरती के बाद मां को विश्राम के लिए शयन कराया जाता है। मान्यता है कि इस आरती के दर्शन मात्र से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।