
हरहुआ, वाराणसी। सोमवार को घने कोहरे के असर के चलते आम लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त नजर आया। सुबह करीब 4 बजे से ही कोहरे का इतना ज्यादा प्रकोप था कि सड़कों पर चलना बेहद मुश्किल हो गया। हालात ऐसे थे कि 100 मीटर की दूरी भी साफ दिखाई नहीं दे रही थी। घनी धुंध के कारण सड़कों पर आवागमन करने वाले वाहनों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा और सभी वाहन रेंगती हुई गति से आगे बढ़ते दिखाई दिए।

सुबह लगभग 8:30 बजे तक बाबतपुर–वाराणसी हाईवे के साथ-साथ रिंग रोड फेज-वन और रिंग रोड फेज-टू पर कोहरे का अत्यधिक असर देखने को मिला। रिंग रोड के दोनों ओर खेत होने और आसपास बस्ती न होने के कारण खुले क्षेत्र में कोहरे का प्रभाव और अधिक रहा। इससे रिंग रोड पर वाहन चलाना काफी जोखिम भरा हो गया। कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और चालकों को एक-दूसरे के वाहन की लाइट के सहारे आगे बढ़ना पड़ा।
हालांकि राहत की बात यह रही कि इतनी खराब दृश्यता के बावजूद कहीं से किसी बड़ी दुर्घटना की खबर नहीं आई। सबसे अधिक परेशानी छोटे-छोटे छात्र-छात्राओं को उठानी पड़ी। कोहरे के कारण स्कूल बसों के आने में देरी हुई, जिससे बच्चों और उनके अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई परिजन अपने बच्चों को लेकर चिंतित दिखे। घनी धुंध के चलते परिजनों ने बच्चों को अकेले सड़क पार करने की अनुमति नहीं दी और स्वयं बच्चों को सड़क पार कराकर विद्यालय भेजते नजर आए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शनिवार को भी कोहरे का असर रहा था, लेकिन सोमवार को कोहरे की तीव्रता कहीं अधिक थी, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। सुबह करीब 9 बजे जब धूप निकली तो धीरे-धीरे कोहरा छंटना शुरू हुआ। करीब 10 बजे तक कोहरा पूरी तरह सड़क से हट गया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका और लोगों ने राहत की सांस ली।