
वाराणसी की ऐतिहासिक दालमंडी, जिसे पूर्वांचल की सबसे बड़ी मंडी माना जाता है, अब धीरे-धीरे खंडहर का रूप लेती जा रही है। विकास और चौड़ीकरण की कार्रवाई के बाद इलाके की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। दालमंडी की संकरी गलियों में चारों ओर मलबा फैला हुआ है, जिससे स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई दुकानें पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं, जबकि कुछ पर गिरने का खतरा मंडरा रहा है। धूल और मलबे के कारण आवाजाही मुश्किल हो गई है। व्यापारी वर्ग का कहना है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के की गई कार्रवाई से उनका रोजगार प्रभावित हुआ है। स्थानीय लोग जल्द स्थायी समाधान और पुनर्विकास की मांग कर रहे हैं।
