लखनऊ, 11 फरवरी 2026। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अल्पसंख्यक समाज के सर्वांगीण विकास के लिए 2,058 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया है। इस प्रावधान का उद्देश्य शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाई जा सके। सरकार ने स्पष्ट किया है कि छात्रवृत्ति, प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम और बुनकरों के लिए विद्युत रियायत जैसी योजनाएं इस बजट का मुख्य आधार होंगी।

प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम को मिलेगी नई गति
अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत मल्टी सेक्टोरल डेवलपमेंट प्रोग्राम को प्रदेश के 21 जनपदों में लागू किया गया है। इस योजना के लिए 500 करोड़ रुपये की बजटीय व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। इसके माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं को मजबूती दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इन क्षेत्रों में समग्र विकास से सामाजिक संतुलन और अवसरों की समानता सुनिश्चित होगी।
छात्रवृत्ति योजनाओं से शिक्षा को मिलेगा संबल
शिक्षा को अल्पसंख्यक समाज के सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम मानते हुए पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के लिए 391 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस राशि से जरूरतमंद और मेधावी छात्र-छात्राओं को आर्थिक सहयोग मिलेगा, जिससे वे बिना किसी आर्थिक बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी प्रतिभाशाली छात्र संसाधनों के अभाव में शिक्षा से वंचित न रहे।
बुनकरों को राहत, विद्युत बिल में फ्लैट रेट योजना
बुनकर समाज की आजीविका को मजबूत करने के लिए विद्युत बिल में फ्लैट रेट योजना के अंतर्गत 4,423 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इस योजना के तहत बुनकरों को सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उत्पादन लागत कम होगी और उनकी आय में वृद्धि संभव हो सकेगी। प्रदेश सरकार का मानना है कि परंपरागत उद्योगों को संरक्षण और प्रोत्साहन देने से स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई
अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि प्रदेश सरकार अल्पसंख्यक समाज के उत्थान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के जरिए समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंचाई जाएगी। सरकार की प्राथमिकता है कि योजनाओं का लाभ पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पात्र लोगों तक पहुंचे।