वाराणसी में महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए खास व्यवस्था की गई थी। बताया गया था कि भगवान विशेश्वर के दर्शन करने आने वाले भक्तों को सम्मानपूर्वक “सर” और “मैडम” कहकर संबोधित किया जाएगा और इसके लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया था। यह व्यवस्था काशी विश्वनाथ मंदिर से जुड़ी तैयारियों का हिस्सा थी।

लेकिन यह व्यवस्था 24 घंटे भी ठीक से लागू नहीं रह सकी। आरोप है कि मंदिर में तैनात एसडीएम शंभू शरण ने कैंट थाना क्षेत्र के फुलवरिया निवासी श्रद्धालु बाबूलाल सोनकर का कॉलर पकड़कर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। इस घटना के बाद पीड़ित ने मामले की शिकायत जिलाधिकारी और मंडलायुक्त से की है।
पीड़ित श्रद्धालु ने चौक थाने में तहरीर देकर आरोपित अधिकारी के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है। घटना सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, महाशिवरात्रि जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।