
निर्विवाद वरासत के मामलों का प्राथमिकता से कराएं निस्तारण-जिलाधिकारी

धारा-34 और धारा-24 के लम्बित राजस्व वादों को युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर निस्तारित कराने के निर्देश
जिलाधिकारी की समस्त जिम्मेदार अधिकारियों को चेतावनी, विभागों की ग्रेडिंग नहीं सुधरी तो होगी कठोर कार्यवाही
वाराणसी। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर राजस्व कार्याे, राजस्व न्यायालयों व कर-करेत्तर/चकबंदी/कलेक्ट्रेट के पटल प्रभारियों के कार्याे की समीक्षा बैठक शुक्रवार को जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। कर करेत्तर में जिलाधिकारी ने राजस्व, परिवहन, आबकारी, व्यापार, स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क, राजस्व, खनन व बाट माप आदि विभागों को अभियान चलाकर लक्षित राजस्व वसूली किये जाने पर जोर दिया।
जिलाधिकारी ने व्यापार कर (जीएसटी) के संयुक्त आयुक्त को अपने संबंधित विभाग अधिकारियों के साथ विभागीय कार्यों में प्रगति सुनिश्चित किये जाने हेतु बैठक करने का निर्देश दिया। साथ ही लक्ष्य के सापेक्ष कम वसूली में अपेक्षित प्रगति लाने का भी निर्देश दिया। इसके अलावा उन्होंने खनन अधिकारी को चालान, नोटिस जारी करने और राजस्व वसूली बढ़ाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी अपने निर्धारित लक्ष्य को पूरा करें अथवा कार्यवाई के लिए तैयार रहें।
जिलाधिकारी ने राजस्व वादों के सम्बन्ध में उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिये कि लम्बित राजस्व वादों का शीघ्र सुनवाई कर निस्तारण किया जाये। कुछ तहसीलों में लक्ष्य के अनुरूप वादों का निस्तारण न किये जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुये उन्होंने तत्काल लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने धारा-24, धारा-34 जैसे वादों के लंबित आवेदनों को शीर्ष प्राथमिकता के साथ शीघ्र निस्तारण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धारा-98 के मामले को शीघ्रता से निस्तारण सुनिश्चित करायें।उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस कारण के विभिन्न धाराओं के मामलों को लम्बित न रखा जाए और उसका तय समय सीमा में निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने एडीएम एफआर से सभी तहसीलों के राजस्व निरीक्षको और लेखपालों के पास धारा-98 के समय सीमा के बाहर लंबित मामलों की सूची प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने अन्य प्रकार की जैसे धारा-67, 80,116, 98 तथा सीमांकन सहित अन्य राजस्व वादों की पेंडेंसी खत्म करने के निर्देश सभी एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार के अलावा इन मामलों के लिए नियुक्त न्यायिक अधिकारियों को दिया। इसके अलावा उन्होंने निर्विवाद वरासत, कुर्रा बंटवारा, आय प्रमाण पत्र, सीएम कृषक दुर्घटना बीमा योजना, आईजीआरएस और हैसियतनामा में लम्बित आवेदनों को प्रतिदिन अनुश्रवण करते हुए निस्तारण का निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिया। जिलाधिकारी ने डिजी शक्ति के लंबित मामलों के लिए उद्योग विभाग तथा पेट्रोल पंपों के सत्यापन के लिए लम्बित प्रकरणों के लिए डीएसओ और बांट-माप की पेंडेंसी खत्म करने के लिए बाट माप निरीक्षक को निर्देशित किया। बाट माप विभाग के लंबित मामलों के कम निस्तारण पर बाट माप निरीक्षक को, सीएम कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अधिक लंबित मामले व सही जानकारी न होने पर एलआरसी और एंटी भू-माफिया पोर्टल के पटल सहायक को शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश जिलाधिकारी ने दिए। जिलाधिकारी ने सीएम कृषक दुर्घटना सहायता योजना में लंबित मामलों के कम निस्तारण और विभागीय कार्यों में लापरवाही बरतने पर मंडी सचिव के विरुद्ध कार्यवाही किए जाने हेतु निर्देशित किया।
जिलाधिकारी ने राजस्व संहिता के अविवादित वरासत, अविवादित दाखिल खारिज, क्रॉप कटिंग, ऑनलाइन भूमि बंधक, मत्स्य पालन के पट्टों का आवंटन, सीलिंग की जमीन, आवासीय भूमि, कृषि भूमि, वृक्षारोपण आदि का आवंटन, चकमार्ग तथा सार्वजनिक उपयोग की भूमि व तालाब पोखरों आदि से हटाये गये अतिक्रमण एवं अवैध कब्जे पर विस्तार से समीक्षा करते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि सभी भू माफियाओं को चिन्हित कर कार्यवाही सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने रिट याचिकायें, खतौनी अशं निर्धारण की कार्यवाही, खसरा, स्वामित्व योजना, रोस्टर के अनुसार खतौनियों का दाखिला जैसे कार्यों पर अब तक किये गये कार्यों की प्रगति को बढ़ाने के निर्देश दिए।
बैठक में एडीएम सिटी आलोक कुमार वर्मा,एडीएम वित्त एवं राजस्व सदानंद गुप्ता, सभी एसडीएम, तहसीलदार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी आदि लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहें।