
7 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल, करोड़ों की अवैध कमाई का खुलासा

कोडिन युक्त कफ सिरप की बड़े पैमाने पर अवैध तस्करी के मामले में थाना रोहनिया पुलिस ने विवेचना पूरी करते हुए भोला प्रसाद जायसवाल समेत कुल 07 आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिया है। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन के निर्देशन और अपर पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन के नेतृत्व में की गई।
मामला थाना रोहनिया में दर्ज मुकदमा संख्या 0343/2025 (धारा 8/21/25/29 NDPS एक्ट) से जुड़ा है, जिसमें व्यापक पैमाने पर कोडिन युक्त कफ सिरप की तस्करी और अवैध धन अर्जन का खुलासा हुआ है। भारी मात्रा में कफ सिरप बरामद
जांच के दौरान निम्नलिखित प्रतिबंधित दवाएं बरामद की गईं—
- PHENSEDYL 100 ML – 18,600 शीशियां
- ESKUF 100 ML – 75,150 शीशियां
तस्करी का तरीका (Modus Operandi)
विवेचना में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी/कागजी फर्म बनाकर हवाला के माध्यम से प्राप्त नकदी को विभिन्न बैंक खातों में जमा किया। इसके बाद रकम को अलग-अलग फर्मों के जरिए शैली ट्रेडर्स के खाते में ट्रांसफर कर अवैध धन को वैध लेन-देन का रूप दिया जाता था। कोडिन कफ सिरप की खरीद-फरोख्त कागजों पर दिखाई जाती थी, जबकि असल में माल को गुप्त स्थानों पर छिपाकर बांग्लादेश सीमा तक पहुंचाया जाता था, जहां इसे 10 गुना ऊंचे दाम पर बेचा जाता था। बैंक स्टेटमेंट, ई-वे बिल, ITR, CDR, टोल डेटा, FSL रिपोर्ट, औषधि निरीक्षक की रिपोर्ट और स्वतंत्र गवाहों के बयान से पूरे सिंडिकेट के संचालन की पुष्टि हुई है।
आरोपियों के नाम
- आजाद जायसवाल
- महेश कुमार सिंह
- शिवाकांत उर्फ शिव
- स्वपनिल केसरी
- दिनेश कुमार यादव
- आशीष यादव
- भोला प्रसाद (शैली ट्रेडर्स के प्रोपराइटर)
इनमें से कई आरोपियों के खिलाफ प्रदेश और अन्य राज्यों में NDPS एक्ट समेत कई संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। अन्य राज्यों में पंजीकृत मामलों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
आर्थिक नेटवर्क पर भी कार्रवाई
तस्करी से अर्जित चल-अचल संपत्तियों के विरुद्ध धारा 68-F NDPS एक्ट के तहत अलग से कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस का कहना है कि इस संगठित गिरोह ने अवैध कारोबार से करोड़ों रुपये अर्जित कर संपत्तियां बनाई थीं।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त संगठित नेटवर्क के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी। आर्थिक स्रोतों पर प्रहार कर ऐसे सिंडिकेट को जड़ से खत्म करने की रणनीति अपनाई जा रही है।