
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में एक बार फिर छात्र आक्रोश सड़कों पर नजर आया। बिरला छात्रावास के छात्रों ने कथित मारपीट और हंगामे के मामले को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित छात्र सड़क पर बैठ गए और नारेबाजी करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग करने लगे।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि एक बेगुनाह छात्र को बिना ठोस कारण के छात्रावास से बाहर ले जाकर उसके खिलाफ कार्रवाई की गई। छात्रों का कहना है कि जिस छात्र पर आरोप लगाए गए हैं, वह घटना के समय मौके पर मौजूद ही नहीं था, इसके बावजूद उसे दोषी ठहरा दिया गया।
छात्रों ने विश्वविद्यालय की प्रॉक्टोरियल टीम पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि बिना निष्पक्ष जांच के एकतरफा कार्रवाई की जा रही है और छात्रों को डराने व दबाने की कोशिश हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होती और बेगुनाह छात्र पर की गई कार्रवाई वापस नहीं ली जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए विश्वविद्यालय क्षेत्र में आवागमन भी प्रभावित रहा। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे।
छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं, समाचार लिखे जाने तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था।