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यूजीसी के नए नियमों पर अनभिज्ञता का बयान बना विवाद का कारण, वाराणसी में विधायक अवधेश सिंह पर बढ़ा सियासी दबाव

वाराणसी में यूजीसी (UGC) के नए नियमों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलनों के बीच पिंडरा से बीजेपी विधायक अवधेश सिंह का बयान राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। यह बयान उन्होंने पिंडरा महोत्सव के दौरान सर्किट हाउस में आयोजित एक प्रेस वार्ता में दिया।

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प्रेस वार्ता के दौरान मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए विधायक अवधेश सिंह ने यूजीसी के नए नियमों को लेकर अपनी अनभिज्ञता जाहिर की। उन्होंने कहा,
“हमें यूजीसी नियम के बारे में नहीं पता। आप ही लोग बता दीजिए कि यूजीसी का नियम क्या है।”
उनके इस बयान के बाद छात्र संगठनों और शिक्षाविदों में नाराज़गी देखने को मिली।

छात्रों के धरना-प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए विधायक ने कहा,
“अगर पिंडरा के लोग धरने पर हैं तो कहिए कि हमसे मिलें। क्या हमसे पूछकर लोग धरने पर बैठे हैं?”
इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि यूजीसी का कोई नियम लागू हो चुका है तो उसे दिखाया जाए।

विधायक के इन बयानों को छात्रों के आंदोलन को हल्के में लेने और जिम्मेदारी से बचने के तौर पर देखा जा रहा है। छात्र संगठनों का कहना है कि यूजीसी के नए नियम उच्च शिक्षा व्यवस्था, शिक्षकों की नियुक्ति और छात्रों के भविष्य को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं, इसलिए उनका विरोध पूरी तरह जायज़ है।

छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधि होने के बावजूद विधायक न तो यूजीसी नियमों की जानकारी रखते हैं और न ही छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से समझ रहे हैं। इस बयान के बाद वाराणसी की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और विपक्षी दलों ने भी बीजेपी विधायक को निशाने पर लेना शुरू कर दिया है।

फिलहाल यूजीसी के नए नियमों को लेकर छात्रों का विरोध जारी है, वहीं सर्किट हाउस में दी गई इस प्रेस वार्ता के बाद विधायक अवधेश सिंह का बयान आंदोलन को और तेज करने वाला साबित हो रहा है।

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