magbo system

Editor

मणिकर्णिका घाट पर सुरक्षित हैं सभी मंदिर

​-विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी और महापौर ने किया भौतिक सत्यापन; कुम्भा महादेव मंदिर समेत सभी विग्रह सुरक्षित
​-ड्रिलिंग वाइब्रेशन से प्रभावित कलाकृतियों को संस्कृति विभाग ने किया संरक्षित
​वाराणसी : मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास को लेकर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को देखते हुए दक्षिण विधानसभा के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने शुक्रवार को मणिकर्णिका घाट का स्थलीय निरीक्षण (भौतिक सत्यापन) किया। ​निरीक्षण के दौरान पाया गया कि घाट पर कोई भी मंदिर क्षतिग्रस्त नहीं हुआ है और निर्माण कार्य पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से शास्त्रोक्त मर्यादाओं का पालन करते हुए किया जा रहा है।
इस दौरान ​मीडिया से बातचीत में विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने स्पष्ट किया कि विपक्ष एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) द्वारा निर्मित फर्जी वीडियो के जरिए सनातन धर्म की आस्था पर चोट करने की कोशिश कर रहा है। सच्चाई यह है कि एक भी प्राचीन मंदिर या मूर्ति को नुकसान नहीं पहुंचा है, जो प्राचीन कलाकृतियां ड्रिलिंग के वाइब्रेशन के कारण संवेदनशील स्थिति में थीं, उन्हें संस्कृति विभाग ने अत्यंत सावधानी से सुरक्षित कर लिया है। कार्य पूर्ण होने पर इन्हें ससम्मान पुनः स्थापित किया जाएगा।
​कुम्भा महादेव मंदिर और अहिल्याबाई की प्रतिमा सुरक्षित : महापौर
​महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी और अयोध्या में सनातन धर्म के गौरव को पुनर्स्थापित करने का ऐतिहासिक कार्य किया है। विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे झूठ और तकनीक का सहारा लेकर आस्था पर चोट करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिस ‘कुम्भा महादेव मंदिर’ को लेकर दुष्प्रचार किया जा रहा है, वह अपने स्थान पर ससम्मान विराजमान है। उन्होंने कहा कि मंदिर में नंदी और गणेश जी की प्रतिमाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और वहां नियमित रूप से पूजा-अर्चना हो रही है। इसी प्रकार रानी अहिल्याबाई की मूर्ति को भी सुरक्षित (संरक्षित) किया गया है, जिसे परियोजना के बाद स्थापित किया जाएगा।

VK Finance
खबर को शेयर करे

Leave a Comment