राजातालाब। अनुदानित महाविद्यालय/ विश्वविद्यालय अनुमोदित शिक्षक संघ,उत्तर प्रदेश के डिग्री शिक्षकों की एक ऑनलाइन आवश्यक बैठक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ के यस पाठक की अध्यक्षता में हुई ।बैठक में सभी शिक्षकों ने एक स्वर से सरकार से मांग कि 331 ऐडेड डिग्री कॉलेज में चल रहे स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों को अनुदान में लेकर उसमें कार्यरत 3920 अनुमोदित डिग्री शिक्षकों को तत्काल विनियमित किया जाए। डॉ के यस पाठक ने कहा कि विगत 25 वर्षों से विनियमितिकरण की आस में फंसे ऐडेड डिग्री कॉलेज के शिक्षकों के विनियमितिकरण के संबंध में योगी सरकार को तत्काल निर्णय लेना चाहिए। डॉ के यस पाठक ने बताया कि इस संदर्भ में कई बैठक शासन स्तर पर हो चुकी है तथा उच्च शिक्षा निदेशक, प्रयागराज द्वारा वित्तीय व्यय भार का बजट एवं प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया जा चुका है। डॉ पाठक ने बताया कि अध्यापकों के विनियमितिकरण पर लगभग 300 करोड रुपए का खर्च आएगा जिसकी जानकारी पिछले दिनों 23 अगस्त 2023 की बैठक में प्रदेश के माननीय उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय जी को इससे अवगत करा दिया गया था। डॉ पाठक ने इस बात पर भी जोर दिया कि यदि सरकार पूर्ण वेतनमान नहीं दे पा रही है तो न्यूनतम वेतनमान सरकारी खजाने से रु.57700/00 अवश्य दें। डॉ पाठक ने आगे यह भी कहा कि एडेड कॉलेज में यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए तथा वर्तमान समय तक कार्यरत अध्यापकों का विनियमितीकरण किया जाए। डॉ पाठक ने यह भी कहा कि एक ही छत के नीचे दोहरी व्यवस्था यह कहीं से भी उचित नहीं है। डॉ पाठक ने यह भी कहा कि यदि कुछ अध्यापकों का डाटा बेस सरकार के पास उपलब्ध न हो तो उसे भी मांगे जाने की वकालत की। डॉ पाठक ने शुल्क प्रतिपूर्ति की बात को भी सरकार के सामने रखते हुए कहा कि यदि सरकार शुल्क प्रतिपूर्ति का आंकड़ा समाज कल्याण से मंगा ले तो सरकार को भी विनियमितिकरण करने में और आसानी होगी और सरकार के ऊपर व्यय भार भी कम होगा। डॉ पाठक ने कहा कि इसकी मांग पहले भी की जा चुकी है। डॉ पाठक यह भी कहा कि यदि सरकार इन शिक्षकों का विनियमितिकरण कर देती है या सरकारी खजाने से न्यूनतम वेतनमान रु.5700/00 दे देती है या वर्ष 2014 में नैक ए ग्रेड के महाविद्यालय के शिक्षकों को रुसा योजना के अंतर्गत जो रु.57700/00 दिया गया था वह प्रदेश के सभी अनुदानित महाविद्यालय के शिक्षकों को दे दिया जाय तथा साथ ही साथ डॉ पाठक ने यह भी मांग की कि अनुमोदित डिग्री शिक्षकों को एसोसिएट प्रोफेसर प्रोफेसर का पदनाम दिया जाए एवं प्रत्येक विश्वविद्यालय में शोध निर्देशक शिक्षक कल्याण कोष महाविद्यालय में सेवा पुस्तिका प्रबंध समिति की कमेटियों में चक्रा अनुसार मान्यता के पैनल में भी रखे जाने की मांग की । तभी सरकार का यह नारा सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास का सपना साकार होगा । बैठक में संघ के प्रदेश संयोजक डॉ अजय कुमार सिंह, महामंत्री डॉ एस के शुक्ला, संगठन महामंत्री डॉ एस एन त्रिपाठी, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी शिक्षक प्रकोष्ठ जिला जौनपुर के संयोजक डॉ रविकांत सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ अमिताभ मिश्रा, डॉ पुष्पलता तिवारी, सह संगठन मंत्री डॉ दीपेंद्र वर्मा, संगठन मंत्री डॉ अनिल कुमार सिंह, प्रदेश संयुक्त मंत्री डॉ अहमद नजम, प्रदेश संयुक्त मंत्री डॉ ज्ञान प्रकाश सिंह, प्रदेश संयुक्त मंत्री कैप्टेन डॉ मीनू मल्होत्रा, प्रदेश संयुक्त मंत्री एवं बरेली विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ राजीव सिंह चौहान, शाकंभरी विश्वविद्यालय के संयोजक डॉ रवि बंसल,अध्यक्ष डॉ मनोज मलिक, आगरा विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ सुशील मिश्रा, कानपुर विश्वविद्यालय के संरक्षक डॉ आर पी सिंह, अध्यक्ष डॉ कमलेश यादव, महामंत्री डॉ अखंड प्रताप सिंह,गोरखपुर विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ राजेश कुमार मिश्रा, पूर्वांचल विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ अवनीश कुमार सिंह, महामंत्री डॉ संजय कुमार तिवारी, विद्यापीठ अध्यक्ष डॉ कौशलेंद्र कुमार सिंह, महामंत्री डॉ आलोक कुमार गुप्ता, प्रोफेसर राजेंद्र सिंह रज्जू भैया विश्वविद्यालय, प्रयागराज इकाई के अध्यक्ष डॉ मनोज कुमार तिवारी, काशी विद्यापीठ के डॉ रमेश कुमार सिंह,डॉ विनय कुमार सिंह,डॉ विनय कुमार शर्मा, डॉ अजय कुमार मौर्य, डॉ सत्य प्रकाश सिंह, डॉ दुर्गेश चौहान,डॉ पवन भारद्वाज, डॉ सुनीता अवस्थी, डॉ सुचेता शर्मा, डॉ मोहन मौर्य, डॉ ममता शुक्ला, डॉ प्रतिभा सिंह, डॉ गिजेंद्र सिंह, डॉ अरिमरदन सिंह,डॉ ब्रज गोविंद मिश्रा, डॉ प्रदीप कुमार सिंह,डॉ कुंवर दिलीप सिंह,डॉ डी एस सिंह, डॉ अखिलेश्वर तिवारी, डॉ शिवानंद सिंह, डॉ सत्येन्द्र तिवारी, डॉ शिवानी दीक्षित आदि ने बैठक में शामिल होकर अपनी मांगों के प्रति अपनी सहमति जताई।
