वाराणसी के जनमानस को मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया को सुव्यवस्थित एवं सरल बनाने के साथ-साथ जन-सामान्य को अद्यतन सूचना / मानकों से अवगत कराया जा रहा है, जिससे जन-सामान्य में मानचित्र स्वीकृत कराने में अत्यधिक रुचि ले रहे है। इसी प्रकार पोर्टल में नये अपडेट तथा ऑन-लाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्ट्म (OBPAS) पर मानचित्रों के निस्तारण में आ रही कठिनाइयों के सम्बन्ध में आर्किटेक्ट / इंजीनियर को प्राधिकरण में कार्यशाला आयोजन किया जाता है तथा पोर्टल नये अपडेट एवं उससे सम्बन्धित जानकारी दी जा रही है। फलस्वरूप वाराणसी विकास प्राधिकरण में विगत माह की तुलना में दिसंबर माह में मानचित्रों की स्वीकृत होने की संख्या में वृद्धि हुयी है।

नवीन मानचित्र स्वीकृति
विगत नवंबर माह में 109 मानचित्र आवेदन जमा हुये जिनके सापेक्ष 31 मानचित्र आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गयी थी जबकि दिसंबर माह में 134 मानचित्र आवेदन जमा हुये जिनके सापेक्ष 79 मानचित्र आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गयी, स्वीकृत मानचित्रों की संख्या में विगत माह के सापेक्ष 155% की उल्लेखनीय वृद्धि हुयी है।
शमन मानचित्र स्वीकृति
विगत नवंबर माह में लंबित मानचित्र आवेदन के सापेक्ष 41 मानचित्र आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गयी थी जबकि दिसंबर माह में लंबित मानचित्र आवेदन के सापेक्ष 86 मानचित्र आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गयी, स्वीकृत मानचित्रों की संख्या में विगत माह के सापेक्ष 110% की उल्लेखनीय वृद्धि हुयी है।
तलपट (ले-आऊट) मानचित्र स्वीकृति (कालोनियों की स्वीकृति)
Zone- 1 में 11, Zone-2 में 21, Zone-3 में 16, Zone- 4 में 9, Zone-5 में 11 कुल 68 तलपट (ले-आऊट) मानचित्र (शमन) आवेदन प्राप्त किए गये जिनके सापेक्ष विशेष प्रयासों द्वारा न्यूनतम समय में 10 तलपट (ले-आऊट) मानचित्र (शमन) स्वीकृत किये गये है।
वर्तमान समय में कालोनियों के प्रमोटरों एवं विकासकर्ताओं द्वारा ले-आउट स्वीकृत कराने में विशेष रुचि ली जा रही है।
वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया में की गयी पहल से आम जन मानस मानचित्र स्वीकृति कराने के प्रति जागरूक हुये है एवं आर्किटेक्ट / इंजीनियर द्वारा जिन समस्याओं से अवगत कराया जाता है उन समस्याओं का यथाशीघ्र निराकरण कराने का प्रयास किया जाता है। परिणाम स्वरूप विगत वर्षों की तुलना में इस वर्ष मानचित्र स्वीकृति की संख्या में वृद्धि के साथ-साथ प्राधिकरण की आय में भी वृद्धि हुयी है।