विगत वर्ष संदिग्ध परिस्थितियों में अधिवक्ता राजा आनन्द ज्योति सिंह की हत्या कोई आशंका नहीं, बल्कि परिजनों के अनुसार सीधे-सीधे कफ सिरप माफिया ने ही की है। आज बर्थरा गांव (चौबेपुर, वाराणसी) पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाक़ात की और उनकी पीड़ा सुनी।

परिवारजन साफ तौर पर कहते हैं कि वाराणसी पुलिस ने पूरे मामले में लीपापोती कर सच को दबाने का काम किया है। यह अत्यंत चिंताजनक और न्याय व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह है।
मैं यह मांग करता हूं कि इस संदेहास्पद और संगीन केस की जांच यूपी पुलिस नहीं, बल्कि न्यायिक जांच के माध्यम से कराई जाए, ताकि दोषियों को कड़ी सज़ा मिल सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
