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माँ भद्रकाली मंदिर में श्रद्धालुओं की लगी भारी भीड़,जयकारों के साथ श्रद्धालुओं ने की दर्शन पूजन,शनिवार के दिन माँ की भक्तों पर रहती है विशेष कृपा-महंथ दिनेश कुमार

धर्म एवं अध्यात्म की की नगरी काशी में नौ दिवसीय नवरात्रीय का शुभारंभ होते ही काशी ही नहीं पूरी देश पूरी तरह से माँ की भक्ति में रम जाती है।तो वैसी ही नजारा वाराणसी जनपद के बडगांव विकास खंड क्षेत्र के सरावा गांव के पास भदोही,जौनपुर जिले के बार्डर से घिरी है और बसुही,वरुणा,मोरवा नदी से घिरी है,वही बसुही नदी के तट पर स्थित माँ भद्रकाली मंदिर में नवरात्रि के पंचमी के दिन शनिवार को मां भद्रकाली के मंदिर में दर्शन पूजन के लिए श्रृद्धालुओं का तांता लगा रहा। यह भद्रकाली मंदिर वाराणासी शहर से लगभग 40 किलोमीटर दूर पश्चिम में है
।बताया जाता है कि शनिवार के दिन माँ भद्रकाली की भक्तों पर विशेष कृपा होती है।जिससे शनिवार के दिन भारी संख्या में श्रद्धालू दर्शन पूजन करने के लिए लोग आते हैं।
वही उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ अन्य प्रदेशों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन पूजन करने के लिए पँहुचते हैं।

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राजा भद्रसेन सिंह माँ भद्रकाली के भक्त थे,मान्यताओं के अनुसार शनिवार के दिन ही राजा भद्रसेन ने मां भद्रकाली के मंदिर में अपना सिर काटकर खौलते तेल की कड़ाही में डालते थे। जिससे प्रसन्न होकर मां भद्रकाली ने अमृत छिड़क कर राजा भद्रसेन सिंह को फिर से जिंदा कर दी।और सवा मन सोना दान देती थी। इसी को देखते हुए श्राप से ग्रसित मध्य प्रदेश राज्य के उज्जैन के राजा विक्रमादित्य दुसरे दिन राजा भद्रसेन से पहले उठकर मंदिर पहुंचे और अपना सिर काटकर खौलते तेल की कड़ाही में डाल दिए। इस पर प्रसन्न होकर मां ने अमृत छिड़क कर उन्हें भी जिंदा कर दिया।तब राजा विक्रमादित्य श्राप से मुक्ति पाने के लिए माँ से आशीर्वाद मांगा तब उन्हें श्राप से मुक्ति के लिए माँ भद्रकाली से आशीर्वाद मिला।उन्हें मुक्ति मिली।

बताते हैं कि उज्जैन के राजा विक्रमादित्य किसी श्राप से मुक्ति पाने के लिए काशी में आए थे।जहाँ राजा भद्रसेन सिंह के यहाँ रहकर नौकरी करते थे।
इन्हीं मान्यताओं के अनुसार मां भद्रकाली के मंदिर में शनिवार को श्रृद्धालुओं का दर्शन पूजन के लिए तांता लगा रहता है। मंदिर के पुजारी महंथ दिनेश सिंह ने बताया कि शनिवार के दिन मां भद्रकाली के दर्शन से भक्तों को विशेष कृपा मिलती है।भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।जिससे भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।

थाना प्रभारी कपसेठी अरबिंद सरोज ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर कपसेठी सहित फूलपुर मिर्जामुराद तथा अन्य कई थानों की पुलिस मंदिर के आस पास सुरक्षा में तैनात रही।

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