
चंदौली के पंडित दीनदयाल उपाध्याय (पीडीडीयू) जंक्शन पर शुक्रवार को सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए। यह कदम उस समय उठाया गया जब बिहार पुलिस मुख्यालय को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से संचालित ‘चौधरी अशद’ नामक सोशल मीडिया हैंडल से धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ। संदेश में साफ तौर पर चेतावनी दी गई थी कि “12 सितंबर की शाम बिहार में बम ब्लास्ट होगा, रोक सको तो रोक लो।”

इस धमकी ने रेलवे और पुलिस प्रशासन को सतर्क कर दिया। तुरंत ही पीडीडीयू जंक्शन समेत कई स्टेशनों पर सुरक्षा जांच अभियान शुरू किया गया। जीआरपी और आरपीएफ के जवानों ने डॉग स्क्वॉड के साथ मिलकर प्लेटफॉर्म, यार्ड और स्टेशन परिसर में गहन तलाशी ली। आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार रावत और जीआरपी कोतवाल सुनील कुमार सिंह ने अपने बल के साथ स्वयं मोर्चा संभाला।
जांच अभियान के दौरान विशेष सतर्कता बिहार से आने वाली ट्रेनों और यात्रियों के सामान पर रखी गई। संदिग्ध यात्रियों की पहचान की गई और उनकी आईडी चेक की गई। वहीं, कुलियों, स्टॉल संचालकों और चेकिंग स्टाफ को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को देने के लिए कहा गया।
इस व्यापक सुरक्षा व्यवस्था का मकसद यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना था। फिलहाल स्टेशन पर स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन पुलिस और रेलवे विभाग ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा सहयोग करने की अपील की है।
इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि सुरक्षा तंत्र की चौकसी यात्रियों की जानमाल की सुरक्षा के लिए कितनी आवश्यक है।