
चंदौली, 29 जुलाई 2025:
चंदौली जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के फत्तेपुर गांव में ज़मीनी विवाद को लेकर चल रही पंचायत उस समय खूनी संघर्ष में तब्दील हो गई, जब एक पक्ष ने अचानक पिस्टल निकालकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस फायरिंग में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक इलाज के बाद हालत गंभीर देखते हुए वाराणसी के ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया है। घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है, वहीं आरोपी मौके से फरार हो गया है।

जानकारी के अनुसार, मंगलवार को फत्तेपुर गांव में ज़मीनी विवाद को लेकर एक पंचायत का आयोजन किया गया था। पंचायत में दोनों पक्षों के लोग मौजूद थे और आपसी सहमति से विवाद सुलझाने की कोशिश की जा रही थी। इसी बीच बात बिगड़ गई और सोहदवार गांव निवासी मुकेश यादव ने गुस्से में आकर पिस्टल निकाल ली और सामने मौजूद लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी।
इस फायरिंग में सोहदवार गांव निवासी दरोगा यादव (30 वर्ष), रमेश यादव (35 वर्ष), और फत्तेपुर गांव निवासी अंशु यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। गोली इनके हाथ, पेट और सीने में लगी, जिससे वे मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़े। गोली चलते ही पंचायत में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने घायल अवस्था में तीनों को जिला चिकित्सालय पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी को वाराणसी ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार तीनों की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है और उन्हें विशेष चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई। आरोपी मुकेश यादव घटना के बाद से फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है।
इस पूरे मामले में पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जांच शुरू कर दी गई है। सीओ सदर देवेंद्र कुमार ने बताया कि घटना ज़मीनी विवाद से जुड़ी है। दोनों पक्षों के बीच पहले से ही भूमि को लेकर विवाद चल रहा था और इसी सिलसिले में पंचायत बुलाई गई थी। लेकिन स्थिति इतनी बिगड़ जाएगी, इसका किसी को अंदेशा नहीं था।
उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए धारा 307 (हत्या का प्रयास) सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई हैं। गांव में एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की और अप्रिय घटना से बचा जा सके।
स्थानीय लोगों के अनुसार, आरोपी मुकेश यादव और दरोगा यादव के बीच काफी समय से ज़मीन को लेकर विवाद चल रहा था। कई बार पंचायत और समझौते की कोशिशें भी हुईं, लेकिन विवाद थमा नहीं। मंगलवार की घटना ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है और लोग भयभीत हैं।
घटना के बाद क्षेत्रीय नेताओं और समाजसेवियों ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। वहीं पुलिस प्रशासन लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है।
इस सनसनीखेज वारदात ने एक बार फिर ज़मीनी विवादों के खतरनाक परिणामों को उजागर किया है। यह घटना प्रशासन और समाज के लिए एक चेतावनी है कि ज़मीनी विवादों को हल्के में लेने की भूल अब और नहीं की जा सकती। समय रहते कानूनी और संवादात्मक समाधान निकालना अनिवार्य हो गया है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।