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लापरवाह दरोगा की वजह से फायरिंग, सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी ने छीनी पिस्टल

चंदौली जिले में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां न्यायालय ले जाए जा रहे सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों ने पुलिस की रिवॉल्वर छीनकर फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करते हुए आरोपियों के पैरों में गोली मारी। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन की सुरक्षा और प्रशिक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

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यह घटना तब हुई जब सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी, 22 वर्षीय अभिषेक यादव उर्फ पुच्चू और 23 वर्षीय सुनील यादव, जिन्हें कोर्ट में पेशी के लिए ले जाया जा रहा था, ने गाड़ी पंचर होने के दौरान उपनिरीक्षक अवधेश सिंह की कमर से उनकी सरकारी पिस्टल छीन ली। इसके बाद आरोपियों ने पुलिस वाहन पर फायरिंग की और जंगल की ओर भागने लगे। पुलिस द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों को घेरकर उनके पैरों में गोली मारी गई, जिससे वे घायल हो गए और उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगढ़ में भर्ती कराया गया।

घटना के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया, और कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। लेकिन, इस पूरे प्रकरण में उपनिरीक्षक की लापरवाही पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। यह सवाल उठता है कि जो पुलिसकर्मी अपनी पिस्टल तक सुरक्षित नहीं रख सकता, उसे कैसे ऐसे संगीन अपराध के आरोपियों को संभालने की जिम्मेदारी दी गई थी।

हालांकि, अभी तक लापरवाह दरोगा के खिलाफ कोई आधिकारिक बयान या कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। उच्च अधिकारियों ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन फिलहाल इस घटना को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय लोगों के बीच भी मुठभेड़ की कहानी को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं, और कई लोग इसे आसानी से पचा नहीं पा रहे हैं।

यह घटना 8 अगस्त 2024 की है, जब गहिला बाबा स्थान के पास 17 वर्षीय नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई थी। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ा, लेकिन कोर्ट ले जाते समय हुई इस चूक ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार दरोगा पर कोई कार्रवाई की जाएगी या नहीं।

ब्यूरो चीफ गणपत राय की रिपोर्ट

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