पीपीपी मॉडल पर होगा निर्माण, 7 एकड़ भूमि चिन्हित, 120 क्वार्टर हटाए जाएंगे

रिपोर्ट / राजेश वर्मा
वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) कैंपस में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। बरेका परिसर में 500 बेड का अत्याधुनिक सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर बनाए जाने की तैयारी है। इसके लिए बरेका के ईस्ट टाउनशिप क्षेत्र में रेलवे की लगभग 7 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है।
यह प्रस्तावित अस्पताल बरेका गेट से अंदर कर्मचारियों के आवासीय क्षेत्र में बनाया जाएगा। हॉस्पिटल के निर्माण की जद में कुल 120 रेलवे क्वार्टर आ रहे हैं, जिन्हें हटाया जाएगा। इनमें टाइप-2 के 24 और टाइप-1 के 96 आवास शामिल हैं। इन सभी आवासों को तोड़कर वहां अस्पताल भवन का निर्माण किया जाएगा।
रेलवे बोर्ड को भेजा गया प्रस्ताव
ईस्ट टाउनशिप स्थित इस भूमि को रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) को सौंपने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है। बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव को बरेका के महाप्रबंधक (जीएम) की स्वीकृति मिल चुकी है। जीएम की मंजूरी के बाद आगे की आवश्यक कार्यवाही के लिए प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को संदर्भित कर दिया गया है।
बरेका के प्रमुख मुख्य अभियंता कार्यालय की ओर से रेलवे बोर्ड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (लैंड एंड अमेनिटीज) को भेजे गए प्रस्ताव में भूमि का नक्शा, ड्राइंग और जीएम की स्वीकृति भी संलग्न की गई है। प्रस्ताव में स्पष्ट किया गया है कि भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया आरएलडीए के माध्यम से पूरी की जाएगी। ईस्ट टाउनशिप की भूमि आरएलडीए को सौंपने का प्रस्ताव 6 जनवरी को रेलवे बोर्ड को भेजा गया है।
कर्मचारियों के पुनर्वास की व्यवस्था
सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के निर्माण से प्रभावित होने वाले 120 क्वार्टरों में रहने वाले कर्मचारियों को लेकर भी बरेका प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। संबंधित कर्मचारियों को इसकी सूचना दी जा रही है और उन्हें नियमानुसार बरेका क्षेत्र में ही उपलब्ध खाली आवासों में स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए रिक्त क्वार्टरों की सूची भी तैयार कर ली गई है।
बरेका प्रशासन का बयान
इस संबंध में बरेका के जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि अस्पताल निर्माण की जद में आने वाले सभी 120 क्वार्टरों के निवासियों को वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। किसी भी कर्मचारी को असुविधा न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा।
बताया जा रहा है कि इस सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के बनने से न सिर्फ बरेका कर्मचारियों बल्कि वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।