- महिला अपराध के विरुद्ध शून्य सहनशीलता (जीरो टोलरेंस):-
गुमशुदगी विशेषकर नाबालिगों की गुमशुदगी में तत्काल एफआईआर पंजीकृत की जाए।

किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिसिंग के सोचने व कार्य करने के तरीके में सकारात्मक बदलाव लाने पर बल।
- जनशिकायत (आईजीआरएस/तहसील/थाना दिवस आदि):-
आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों/प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
तहसील एवं थाना दिवस पर प्राप्त शिकायतों का राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा मौके पर जाकर निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित किये जाये।
आईजीआरएस प्रार्थना पत्र पर जाँच अधिकारी की रिपोर्ट थाना प्रभारी स्वयं पढ़कर प्रकरण को समझें तथा संस्तुति कर रिपोर्ट सबमिट करें।
- परिवहन:-
सड़क निर्माण/मरम्मत के नाम पर सड़क पर गड्ढा खोदकर छोड़ने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर जेल भेजा जाएगा।
पार्किंग व्यवस्था न होने या मॉल के बाहर वाहन खड़ा करने की स्थिति में संबंधित शॉपिंग मॉल को बंद कराया जाएगा।
सड़क पर किसी भी प्रकार का वेंडिंग जोन नहीं बनाया जाएगा।
अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही की जाएगी।
- ऑपरेशन चक्रव्यूह एवं रात्रि चेकिंग:-
थानों की 20% फोर्स का नियमित उपयोग।
चेकिंग व्यवस्था त्रिस्तरीय होगी-
पुलिस आयुक्त महोदय कार्यालय द्वारा
संबंधित पुलिस उपायुक्त कार्यालय द्वारा
प्रत्येक दिवस एक राजपत्रित अधिकारी द्वारा
- साइबर अपराध नियंत्रणः-
एनसीआरपी पर प्राप्त शिकायतों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
साइबर अपराध में प्रयुक्त सिम कार्ड के प्वाइंट ऑफ सेल (पोस) की जानकारी एकत्र कर अपराधियों के नेटवर्क तक पहुँचा जाए।
पीओएस सिम कार्ड की समीक्षा कर संदिग्ध व फर्जी दस्तावेज़ पर जारी कार्ड रद्द करने के निर्देश दिए गए।
साइबर स्लेवरी व विदेशी धन प्रकरणों पर त्वरित कार्रवाई, बैंकों को कड़ी केवाईसी-जाँच व संदिग्ध खातों पर निगरानी के निर्देश।
विभिन्न बैंकों में होल्ड कराई गई धनराशि पर अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश।
समस्त पुलिसकर्मी शीघ्र सी ट्रेन (साइबर ट्रेनिंग) कोर्स पूर्ण करें।
- आगामी त्यौहार:-
त्यौहारों के दृष्टिगत सतर्कता एवं सुरक्षा व्यवस्था हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
आज दिनांक 01-09-2025 को पुलिस आयुक्त वाराणसी श्री मोहित अग्रवाल ने राजपत्रित अधिकारियों व थाना प्रभारियों संग कैम्प कार्यालय में बैठक कर अपराध नियंत्रण एवं कानून-व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने हेतु निर्देश दिए। उन्होंने महिला अपराधों पर शून्य सहनशीलता बरतते हुए नाबालिग गुमशुदगी में तत्काल एफआईआर दर्ज करने और पुलिसिंग के तौर-तरीकों में सुधार पर बल दिया। जनशिकायतों के समयबद्ध निस्तारण हेतु आईजीआरएस
पोर्टल, तहसील व थाना दिवस पर राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा मौके पर निरीक्षण और थाना प्रभारी द्वारा जाँच रिपोर्ट की संस्तुति अनिवार्य की गई। ऑपरेशन चक्रव्यूह व रात्रि चेकिंग में थानों की 20% फोर्स और त्रिस्तरीय निगरानी व्यवस्था लागू करने को कहा गया। यातायात प्रबंधन के तहत वेंडिंग जोन का शीघ्र निर्धारण, सड़कों पर वेंडिंग जोन न बनाने, निर्माण कार्य से यातायात बाधित न होने देने तथा अतिक्रमण पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साइबर अपराध नियंत्रण में एनसीआरपी शिकायतों का शीघ्र निस्तारण, पीओएस सिम कार्ड की समीक्षा व फर्जी कार्ड रद्द करने, साइबर स्लेवरी व विदेशी धन प्रकरणों पर त्वरित कार्रवाई, बैंकों को कड़ी केवाईसी-जाँच व संदिग्ध खातों पर निगरानी, होल्ड धनराशि पर अग्रिम कार्यवाही तथा सभी कर्मियों द्वारा शीघ्र साइट्रेन कोर्स पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आगामी त्यौहारों के दृष्टिगत सुरक्षा व सतर्कता हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। उक्त गोष्ठी में अपर पुलिस आयुक्त (मुख्यालय एवं कानून-व्यवस्था) श्री शिवहरी मीणा, अपर पुलिस आयुक्त अपराध श्री राजेश सिंह सहित समस्त राजपत्रित अधिकारीगण एवं प्र०नि०/थानाध्यक्ष उपस्थित रहे।